बाँझपन एक ऐसी समस्या है जिससे कई महिलाएँ संघर्ष कर रही हैं। बहुत सी महिलाएँ कई नाकाम कोशिशों के बाद उम्मीद ही खो देती हैं।
हालाँकि इसके लिए बहुत सरे मेडिकल ट्रीटमेंट्स उपलब्ध है पर वो काफी महंगे और जटिल होते हैं। इसीलिए कई महिलाओं ने आयुर्वेद का सहारा लेना शुरू कर दिया है। आयुर्वेद में ऐसी कई आयुर्वेदिक दवाइयाँ हैं, जैसे कचनार, अश्वगंधा, शतावरी, इत्यादि जो आपको नेचुरल तरीके से कंसीव करने में मदद करती हैं।
आज हम जानेंगे बांझपन का आयुर्वेदिक इलाज और जल्दी प्रेग्नेंट होने के लिए घरेलू उपाय जो आपकी फर्टिलिटी बढ़ने में सहायक हो सकते हैं। तो जानने के लिए बने रहिए।
बांझपन क्या होता है? (What is Infertility?)
बांझपन वो स्थिति है जब कोई दम्पत्ति नियमित शारीरिक सम्बन्ध के बाद भी (एक साल के अंदर) गर्भधारण नहीं कर पाते। यह समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों में हो सकती है। ये रिप्रोडक्टिव तंत्र में किसी चीज़ की कमी से होती है।
बाँझपन दो प्रकार का होता है। कुछ महिलाएँ शादी के बाद कभी भी कंसीव नहीं कर पाती और कई एक बच्चे के बाद दूसरी बार कंसीव नहीं कर पाती। हाल ही के शोधों के अनुसार महिलाओं में बाँझपन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसके पीछे कई कारण हैं जिन्हें हम नीचे समझेंगे।
महिलाओं में बांझपन के मुख्य कारण क्या हैं? (Reasons for Infertility in Females)
इनफर्टिलिटी के कारण हर महिला के लिए अलग हो सकते हैं। ये आपके शरीर के हॉर्मोन के उतर-चढ़ाव या मानसिक बदलाव से जुड़ा हो सकता है। ये हैं वो कुछ मुख्य कारण:
-
तनाव और नींद की कमी से आपके होर्मोनेस प्रभावित होते हैं और गर्भधारण करने में समस्या आती है।
- ओवुलेशन में गड़बड़ी या अंडाणुओं की गुणवत्ता के ख़राब होने की वजह से कंसीव करने में दिक्कत आ सकती है।
- अनियमित मासिक धर्म, हैवी ब्लीडिंग, या दर्दनाक पीरियड्स।
- महिलाओं की उम्र बढ़ने की वजह से अंडाणुओं की गुणवत्ता ख़राब हो सकती है।
- PCOS और PCOD भी इनफर्टिलिटी में योगदान देते है।
- फ़ेलोपियन ट्यूब बंद होने की वजह से अंडाणु और शुक्राणु का मिलान नहीं हो पाता।
- लगातार वजन कम होना और वजन बढ़ना।
प्रेग्नेंट होने के लिए आयुर्वेदिक दवा (Infertility Medicine for Female)
आयुर्वेद में ऐसे कई दवाइयाँ हैं जो आपके बांझपन को नेचुरल तरीके से सही करने में मदद कर सकती हैं।
Girlyveda’s जीवन बीज उन दवाइयों में से एक है। ये एक प्राकृतिक आयुर्वेदिक सप्लीमेंट (fertility medicine for female) है जो कई गर्भ ठहरने की जड़ी-बूटियों से मिलकर बना है। ये आपकी ताकत, स्टैमिना और संपूर्ण स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करती है।
जीवन बीज शरीर को एक्टिव रखने, कमजोरी कम करने और रोज़मर्रा की थकान से राहत देने में सहायक है। यह शरीर के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है और फिटनेस को सपोर्ट करता है।
अगर आप कन्सीविंग के लिए प्राकृतिक गर्भ ठहरने की दवा चाहते हैं तो ये आपके लिए सही चॉइस है।
बांझपन का आयुर्वेदिक इलाज (Ayurvedic Treatment for Infertility)
आयुर्वेद में बाँझपन के लिए कई नेचुरल उपाय हैं, जिसमें विभिन्न जड़ी-बूटियां और औषधियाँ शामिल हैं जो आपके प्रजनन को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। ये हैं वह कुछ जानी-मानी जड़ी-बूटियाँ:
कचनार (Kachnar)
ये फर्टिलिटी को बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण हर्ब है जो शरीर से टॉक्सिन्स और वसा को निकलने में मदद करती है। इसको इस्तेमाल करने से आपका प्रजनन अंग स्वस्थ रहेगा और हॉर्मोन को संतुलित रखने में मदद मिलेगी। ये ख़ास तौर पे आपके अंडाशय और मासिक धर्म को कण्ट्रोल करने में मदद करेगा।
मेथी (Methi)
इसके बीज महिलाओं के लिए काफी लाभकारी माने जाते हैं। ये गर्भाशय की सेहत को बनाए रखता है और हॉर्मोन को बैलेंस करने में सहायता देता है जिसकी वजह से आपके पीरियड्स नियमित होते हैं। ये अंडाणुओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाकर गर्भधारण की सम्भावना को बढ़ता है।
शिलाजीत (Shilajit)
शिलाजीत एक प्रसिद्ध हर्ब है जो शरीर की ऊर्जा और ताकत को बढ़ाने में मदद करता है। ये एजिंग जैसी समस्या से निपटने में भी मदद करता है। इसमें कुछ ऐसे मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं जो आपकी इम्युनिटी को मजबूत करते हैं और शरीर में हो रहे असंतुलन को कम करने में मदद करते हैं।
शिवलिंगी बीज (Shivlingi Beej)
शिवलिंगी बीज आयुर्वेद में महिला प्रजनन को बढ़ने के लिए किया जाता है। ये बीज हार्मोनल असंतुलन में सहायता करता है और गर्भधारण की क्षमता को बढ़ता है। ये आपके गर्भाशय को स्वस्थ रखने में और ओवुलेशन को नियमित करने में मदद करता है। इसको सही मात्रा में खाने से आपकी फर्टिलिटी में सुधार दिख सकता है।
अशोक चाल (Ashok Chhal)
ये एक प्रसिद्ध औषधि है जो महिलाओं के बाँझपन की समस्या से निपटने में मदद करती है। ये आपकी गर्भाशय की अवस्था को सुधारने में मदद करता है और आपके पीरियड्स को रेगुलर करता है। इसको नियमित रूप से खाने से आपकी पीरियड्स से जुडी समस्याओं का समाधान हो सकता है और आपकी कन्सीविंग की क्षमता बढ़ सकती है।
पुत्रंजिव (Putranjiva)
इस औषधि का इस्तेमाल लोग महिलाओं के प्रजनन या फर्टिलिटी को बढ़ाने के लिए करते हैं। ये आपके प्रजनन अंगो को मजबूत करता है और हॉर्मोन को संतुलित रखता है। यह आपके शरीर को प्रजनन के लिए तैयार करता है। इसके अलावा ये आपकी शरीर की प्राकृतिक ऊर्जा को भी बढ़ाता है और आपको स्वस्थ रखता है।
अश्वगंधा (Ashwagandha)
अश्वगंधा एक शक्तिशाली जड़ी-बूटी है जो आपके मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। यह महिलाओं के हॉर्मोन को बैलेंस करके उनकी फर्टिलिटी को बढ़ाने में सहायता करती है। ये आपके शरीर को आवश्यक ऊर्जा देता है जिससे आपका शरीर गर्भाशय के लिया तैयार हो पाए।
त्रिफ़ल (Triphal)
ये आयुर्वेद में एक हर्बल मिश्रण है जो आंवला, बहेड़ा और हरीतकी से मिलकर बना है। यह शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है और पाचन क्रिया को बढ़ाता है। ये आपके शरीर को पोषण देके प्रजनन अंगों को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है।
गुलर (Gular)
ये एक प्राकृतिक औषधि है जो प्रजनन स्वस्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाता है और ख़ास तौर से गर्भधारण में मदद करती है। इसके फल और छाल का उपयोग करके आप अपनी प्रजनन प्रणाली को और अंगों को स्वस्थ रख सकते हैं।
जल्दी प्रेग्नेंट होने के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies to Get Pregnant Quickly)
अगर आप प्रेगनेंसी के आसार बढ़ाने के लिए घरेलू उपचार चाहते हैं तो ये कुछ महिलाओं में अंडे बनने के उपाय आपकी मदद कर सकते हैं।
संतुलित और पौष्टिक आहार (Balanced and Nutritious Diet)
अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियाँ, फल, सूखे मेवे और प्रोटीन शामिल करें। इससे आपको आवश्यक पोषण मिलेगा और आपका शरीर स्वस्थ रहेगा।
योग (Yoga)
बाँझपन से निपटने के लिए योग काफी लाभकारी होता है। भ्रामरी प्राणायाम, बालासन, सुप्त बद्धकोणासन, जैसे योग करने से तनाव भी काम हो सकता है।
गुनगुना पानी (Lukewarm Water)
रोज गुनगुना पानी पीने से आपके शरीर से टॉक्सिन्स आसानी से निकलते है और आपका शरीर स्वस्थ रहता है।
तिल और गुड़ (Til and Gud)
तिल और गुड़ आपके शरीर को गर्मी प्रदान करके आपके हॉर्मोन को संतुलित रखते हैं ताकि आपकी फर्टिलिटी की क्षमता बढ़ सके।
आंवला और शहद (Amla and Honey)
आंवला और शहद को साथ में खाने से आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और आपके होर्मोनेस बैलेंस्ड रहते हैं।
हाइड्रेशन (Hydration)
शरीर को हाइड्रेटेड रखें और अधिक मात्रा में पानी पिएँ।
निष्कर्ष
आयुर्वेद में बांझपन का आयुर्वेदिक इलाज के लिए कई प्राकृतिक उपाय हैं जो आपकी फर्टिलिटी की क्षमता को नेचुरल तरीके से बढ़ाते हैं वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट्स के। इन उपायों को नियमित रूप से इस्तेमाल करने से आपको अपने प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार दिखेगा। इसके अलावा जरूरी है की आप रोज व्यायाम करें और अपने आहार पे ध्यान दें।
लेकिन अगर इन उपचारों के नियमित इस्तेमाल के बाद भी आपको असर नहीं दिख रहा है तो हमारी सलाह है की आप डॉक्टर की मदद लें।
Faq:-
Thoughts on "महिलाओं में बांझपन का आयुर्वेदिक इलाज – प्राकृतिक तरीके से गर्भधारण के उपाय (Ayurvedic Treatment for Infertility in Women – Natural Ways to Conceive)"