माँ बनने का सपना हर महिला के दिल के बेहद करीब होता है। लेकिन आज-कल की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, हार्मोनल बदलाव और खराब लाइफस्टाइल की वजह से फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग हर 6 में से 1 कपल किसी न किसी फर्टिलिटी समस्या का सामना कर रहा है। ऐसे में कई महिलाएँ डॉक्टर के चक्कर, टेस्ट, दवाइयाँ, सब कुछ करवाती हैं, पर फिर भी नतीजा नहीं मिलता। ऐसे में मन में एक सवाल बार-बार आता है - क्या कुछ घर पर भी किया जा सकता है?
जवाब है, हाँ।
फर्टिलिटी कोई एक दिन में नहीं सुधरती, लेकिन सही खान-पान, थोड़ी जीवनशैली में बदलाव और कुछ पुराने आयुर्वेदिक नुस्खे मिलकर फर्क जरूर लाते हैं। इस ब्लॉग में हम 10 महिलाओं में फर्टिलिटी बढ़ाने के उपाय और आयुर्वेदिक तरीके बताएंगे, जो आपके माँ बनने में मदद कर सकते हैं।
फर्टिलिटी कम क्यों होती है? (Why Does Fertility Decline?)
आजकल 25-35 साल की उम्र में भी महिलाओं को गर्भधारण में दिक्कत आ रही है। इसके पीछे कोई एक वजह नहीं होती।
PMOS सबसे आम कारण है। इसके अलावा थायरॉइड, हार्मोन का बिगड़ना, बहुत ज्यादा तनाव, नींद न आना, मोटापा या जरूरत से ज्यादा पतला होना, ये सब मिलकर अंडे बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं। और जब सही समय पर अच्छा अंडा नहीं बनता, तो प्रेगनेंसी होना मुश्किल हो जाता है।
अब बात करते हैं उन उपायों की जो इस पूरी प्रक्रिया को बेहतर बना सकते हैं।
महिलाओं में फर्टिलिटी बढ़ाने के उपाय (Ways to Improve Fertility in Women)
ये हैं कुछ 10 फर्टिलिटी बढ़ाने के उपाय जो आपकी माँ बनने की प्रक्रिया को बढ़ा सकते हैं।
1. शतावरी (Shatavari)
आयुर्वेद में शतावरी को "स्त्री रसायन" कहा गया है। यानी महिलाओं के लिए सबसे उत्तम औषधि। यह एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो सीधे ओवरी पर काम करती है।
शतावरी एस्ट्रोजन हार्मोन को धीरे-धीरे संतुलित करती है। इससे पीरियड्स नियमित होते हैं और ओव्यूलेशन सही समय पर होने लगता है। जिन महिलाओं में अंडे कम बन रहे हों या उनकी क्वालिटी कमजोर हो, उनके लिए यह महिलाओं में अंडे बनने की ayurvedic दवा के तौर पर बहुत उपयोगी है।
कैसे लें: सुबह खाली पेट एक चम्मच शतावरी चूर्ण गर्म दूध में मिलाकर पिएं। तीन महीने लगातार लेने पर आपको असर दिखने लगेगा।
2. अश्वगंधा - तनाव का इलाज, फर्टिलिटी का उपाय (Ashwagandha - Natural Treatment for Stress and Fertility)
यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन तनाव और फर्टिलिटी का सीधा रिश्ता है। जब हम बहुत ज्यादा स्ट्रेस में होते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल नाम का हार्मोन बढ़ जाता है। और यही हार्मोन प्रजनन हार्मोन्स को दबाने लगता है।
अश्वगंधा इस कोर्टिसोल को कम करता है। इससे हार्मोन खुद-ब-खुद पटरी पर आने लगते हैं। यह थायरॉइड की समस्या में भी बहुत काम आता है।
कैसे लें: रात को सोने से पहले एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर गर्म दूध में घोलकर पिएं। यह ayurvedic medicine for ovulation के रूप में भी जाना जाता है।
3. खाने में ये चीजें जरूर शामिल करें (Include these in Your Diet)
महिलाओं में अंडे बनने के लिए क्या खाएं - ये महिलाओं का सामान्य सवाल रहता है। और इसका जवाब उतना मुश्किल नहीं जितना लगता है।
फोलिक एसिड वाली चीजें: पालक, मेथी, मूंग दाल, राजमा, चना। ये अंडे की DNA को सुरक्षित रखती हैं।
आयरन के लिए: अनार, चुकंदर, खजूर, तिल। यह गर्भाशय में खून की आपूर्ति सुधारता है।
विटामिन E के लिए: बादाम, सूरजमुखी के बीज। ये सीधे अंडे की गुणवत्ता पर असर करते हैं।
ओमेगा-3 के लिए: अलसी के बीज, अखरोट। हार्मोन बनाने में मदद करते हैं।
ये सब fertility booster foods for female हैं जो रोज की थाली में होने चाहिए।
4. कद्दू और सूरजमुखी के बीज (Pumpkin & Flower Seeds)
फीमेल एग बढ़ाने के उपाय में इन बीजों का नाम अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। लेकिन सच यह है कि इनमें जिंक, सेलेनियम और विटामिन E की मात्रा बहुत अच्छी होती है।
जिंक हार्मोन उत्पादन के लिए जरूरी है। सेलेनियम अंडे को फ्री रेडिकल्स से बचाता है। और विटामिन E गर्भाशय की परत को स्वस्थ रखता है।
कैसे लें: एक मुट्ठी कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और अलसी मिलाकर सुबह नाश्ते में खाएं। चाहें तो दही में मिला लें, इससे स्वाद भी अच्छा लगेगा।
5. दालचीनी - PMOS वाली महिलाओं के लिए (Cinnamon - For Women with PMOS)
अगर आपको PMOS है तो दालचीनी आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है। PMOS में इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है यानी शरीर इंसुलिन को सही से इस्तेमाल नहीं कर पाता। इससे हार्मोन बिगड़ते हैं और ओव्यूलेशन रुक जाती है।
दालचीनी इंसुलिन को कंट्रोल करती है। पीरियड्स नियमित करती है। और इसी से ओव्यूलेशन फिर शुरू होता है।
कैसे लें: सुबह उठकर एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर डालें और पी लें। यह प्रेगनेंसी कंसीव करने के घरेलू उपाय में सबसे आसान और बिना पैसे वाला तरीका है।
6. अनार - गर्भाशय के लिए टॉनिक (Pomegranate - Tonic for the Uterus)
अनार में एंटीऑक्सीडेंट, आयरन और फोलेट तीनों एक साथ होते हैं। यह गर्भाशय में रक्त प्रवाह बढ़ाता है। गर्भाशय की परत, जिसे एंडोमेट्रियम कहते हैं, उसे मोटा और मजबूत बनाता है।
जब यह परत अच्छी होती है तो भ्रूण आसानी से टिक जाता है और गर्भावस्था आगे बढ़ती है।
कैसे लें: रोज एक गिलास ताजा अनार का रस पिएं, या सीधे अनार खाएं। यह fertility booster foods for female में सबसे आसानी से मिलने वाला फल है।
7. योग (Yoga)
यह बात कई लोगों को अजीब लगती है कि योग से फर्टिलिटी कैसे बढ़ेगी। लेकिन सोचिए, जब तनाव कम होगा, ब्लड सर्कुलेशन ठीक होगा, हार्मोन संतुलित होंगे, तो शरीर खुद-ब-खुद बेहतर काम करने लगता है।
इन आसनों पर ध्यान दें:
बद्धकोणासन में बैठकर दोनों पैरों के तलवे मिलाकर घुटनों को धीरे-धीरे नीचे लाएं। यह ओवरी में ब्लड फ्लो बढ़ाता है।
विपरीत करणी में दीवार के सहारे पैर ऊपर कर लेटें। यह गर्भाशय को आराम देता है और थकान हटाता है।
भ्रामरी प्राणायाम में आंखें बंद करके गुनगुनाएं। यह दिमाग को शांत करता है और कोर्टिसोल घटाता है।
रोज 20-25 मिनट यह करें। तीन महीने में फर्क खुद महसूस होगा।
8. नींद का ध्यान रखे (Take Care of Your Sleep)
बहुत सी महिलाएँ नींद को नज़रअंदाज करती हैं। रात को देर तक फोन देखना, सोने का कोई टाइम न होना, यह सब हार्मोन को बिगाड़ता है।
रात में 10 बजे के बाद शरीर में मेलाटोनिन बनता है। यही मेलाटोनिन अंडे को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है। अगर नींद पूरी नहीं होती तो यह काम नहीं होता और अंडे कमजोर होते हैं।
7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें। सोने से एक घंटा पहले मोबाइल रख दें।
9. विटामिन D (Vitamin D)
भारत में धूप खूब मिलती है, फिर भी यहाँ विटामिन D की कमी बहुत आम है। खासकर शहरों में जहाँ लोग घर और ऑफिस के बीच ही रहते हैं।
विटामिन D सीधे अंडाणु की गुणवत्ता पर असर करता है। यह FSH और LH हार्मोन को संतुलित रखता है जो ओव्यूलेशन के लिए जरूरी हैं। अंडे की गुणवत्ता में सुधार के लिए आयुर्वेदिक दवा के साथ-साथ विटामिन D पर ध्यान देना उतना ही जरूरी है।
सुबह 8 से 10 बजे के बीच 20-25 मिनट धूप में जरूर बैठें। ब्लड टेस्ट करवाकर अपना विटामिन D लेवल जरूर चेक करें।
10. डाइट पर ध्यान दें (Take Care of Your Diet)
फर्टिलिटी बढ़ाने के उपाय में सिर्फ यह देखना काफी नहीं कि क्या खाएं। जो चीजें नुकसान कर रही हैं उन्हें छोड़ना भी उतना ही जरूरी है।
मैदे से बनी चीजें जैसे ब्रेड, बिस्किट, नूडल्स, ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाती हैं। इससे इंसुलिन स्पाइक होता है और हार्मोन गड़बड़ाते हैं।
पैकेटबंद और जंक फूड में ट्रांस फैट होता है जो हार्मोन उत्पादन में बाधा डालता है।
बहुत ज्यादा चाय-कॉफी से कैफीन की मात्रा बढ़ती है जो ओव्यूलेशन को प्रभावित करती है इसलिए दिन में दो कप से ज्यादा न पिएं।
महिलाओं में अंडे बनने के लिए डाइट चार्ट (Diet Chart to Increse Fertility in Women)
अगर आप इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि अपनी प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए क्या खाएं, तो आप नीचे दिए गए डाइट चार्ट पर एक नज़र डाल सकते हैं।
|
पोषक तत्व
|
क्या खाएं
|
क्यों जरूरी है
|
|
फोलिक एसिड
|
पालक, दाल, राजमा
|
अंडे का विकास
|
|
आयरन
|
अनार, चुकंदर, खजूर
|
गर्भाशय में खून
|
|
जिंक
|
कद्दू के बीज, अखरोट
|
हार्मोन उत्पादन
|
|
विटामिन E
|
बादाम, सूरजमुखी बीज
|
अंडे की क्वालिटी
|
|
ओमेगा-3
|
अलसी, अखरोट
|
हार्मोन संतुलन
|
|
विटामिन D
|
धूप, अंडे की जर्दी
|
ओव्यूलेशन
|
|
विटामिन C
|
आंवला, नींबू, अमरूद
|
एंटीऑक्सीडेंट
|
महिलाओं में अंडे बनने की दवा (Medicine to Increase Women Fertility)
अगर आप अंडे की गुणवत्ता में सुधार के लिए आयुर्वेदिक दवा लेना चाहती हैं तो ये नाम याद रखें:
शतावरी - ये ओवरी के लिए सबसे अच्छी होती है।
गोक्षुरा - LH हार्मोन बढ़ाता है जो अंडा फोड़ने में मदद करता है।
लोधरा - गर्भाशय की परत मजबूत करता है।
त्रिफला - शरीर की सफाई करता है, पाचन ठीक करता है।
अश्वगंधा - तनाव कम कर पूरे हार्मोन सिस्टम को ठीक करता है।
ये सब महिलाओं में अंडे बनने की Ayurvedic दवा के विकल्प हैं। अगर आप प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए किसी सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प की तलाश में हैं, तो हम Girlyveda’s Jivann Beej की सलाह देते हैं।
लेकिन किसी भी दवा को अपने मन से शुरू करने से पहले एक बार आयुर्वेदिक डॉक्टर से जरूर मिलें।
निष्कर्ष (Conclusion)
महिलाओं में फर्टिलिटी बढ़ाना कोई असंभव काम नहीं है। बस आपको सही खान-पान, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, नियमित योग और स्वस्थ जीवनशैली पर नियमित तरीके से ध्यान रखना होगा। ऊपर दियइ गए महिलाओं में फर्टिलिटी बढ़ाने के उपाय और महिलाओं में अंडे बनने के उपाय बिल्कुल सरल हैं, बस जरूरत है धैर्य, नियमितता और सही जानकारी की।
अगर 6 महीने से ज्यादा समय से कोशिश करने के बाद भी आपको गर्भधारण नहीं हो रहा, तो किसी अच्छे फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लें। याद रखें की सही समय पर सही कदम उठाना ही आपको माँ बनने के सपने के करीब ला सकता है और आपको माँ बनने की कृषि दे सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):
Thoughts on "महिलाओं में फर्टिलिटी बढ़ाने के 10 असरदार घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक तरीके"